क्यों भूल जायें बाबरी मस्जिद ध्वंस से गुजरात नरसंहार का मंज़र?

क्यों भूल जायें बाबरी मस्जिद ध्वंस से गुजरात नरसंहार का मंज़र?

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद से शोकसंवेदनाओं का आना, दुख व्यक्त करना, दुखी होना, obituary लिखना—सब कुछ स्वाभाविक है। वह देश के प्रधानमंत्री थे, लंबा संसदीय जीवन जिया, भाजपा को सत्ता में पहुंचाने में उनका करिशमायी योगदान था—सब कुछ स्वीकार, लेकिन क्या उनके राजनीतिक योगदान की आलोचनात्मक विवेचना करना…