ईद मुबारक कहूँ किसे?

ईद मुबारक कहूँ किसे?

    राजधानी दिल्ली से अब एक लंबे अरसे से   कोई ट्रेन मथुरा नहीं जाती.    मथुरा की कल-कल बहती यमुना ने तो घोर अँधेरे में क्रूर हत्यारे को अँधेरे में रखकर नवजात कन्हैयाको   नदी पार कराई थी.   गोकुल में बाल गोपाल मोर के गीतों का पंख सिर पर बाँधकर गायों के झुंड…