• Saharanpur Attack: Meeting With the President by CPI (M) Delegation

    May 23, 2017

    Press Release: May 17, 2017.

    CPI(M) Polit Bureau members Brinda Karat and Subhashini Ali along with the affected dalit families from the Shabbirpur village in Saharanpur, Uttar Pradesh met the President of India today and handed over a memorandum.  The President gave the delegation a very sympathetic hearing and expressed his anguish. He said that he would do whatever was in his power to ensure justice to the dalits of Shabbirpur. We are herewith releasing the text of the memorandum for publication.


    Respected Rashtrapatiji,

    Thank you for agreeing to meet us along with Dalit victims of violence from Shabbirpur village, Saharanpur, UP.

    On the 14th of April, 2017, the dalits of this village had wished to install a statue of Dr. Ambedkar in the Ravidas temple in the village.  Some upper caste people objected to this and contacted a BJP MLA who complained to the police. The police came and stopped the work of installation. There was no opposition to this from the dalit side.

    On May 5th, the upper castes belonging to the Thakur community of the area were to celebrate Rana Pratap Jayanti with the installation of a statue in the neighbouring village of Simlana. They decided to take out a procession with loud music and DJ through the dalit area. They were armed with swords country-made weapons and were shouting very objectionable slogans. This was obviously an attempt to re-assert their caste superiority. The pradhan complained to the police and requested them to intervene. Some policemen did come but they did not do anything when the Thakurs went on the rampage in the dalit area. They burnt 58 homes along with various agricultural implements, 25-26 motorcycles, small vans, groceries and various possessions including childrens’ books and ration cards. 4 shops were also burnt. 2 fire engines were prevented from entering the village as also a PAC truck. 14 people including 5 women and 1 boy of 14 have received injuries, some very grievous. They are all in the District Hospital.

    Tragically a young man from the Thakur community, who lived twenty kilometers away from the site, died during this incident.  His post-mortem report has stated that he died due to asphyxiation. His family has been given 15 lakhs as compensation.

    Shockingly, the dalits have received no compensation, or even an assurance of getting any from the district administration. The attack on them by the more powerful social group in the area has also not been addressed properly. Many false cases have been foisted on the dalits.

    We would like to bring to your kind attention certain facts that have led to this situation of tension and conflict in Saharanpur. The formation of the BJP Government in UP has encouraged vigilante groups of its supporters, including the rapidly expanding Hindu Yuva Vahini which is Shri Yogi Adityanath’s own organisation, to attack different sections of people in the State with impunity. BJP leaders, including elected representatives, have also participated in these attacks. One such attack was witnessed in Saharanpur on the 20th of April when a mob led by the BJP MP attacked the residence of the SSP himself and this officer was subsequently transferred.

    If this situation of aggression under the patronage of the ruling party with complete impunity continues, many parts of UP are in danger of descending into spirals of caste and communal violence.

    We would request you to intervene in this matter.  Since many members of the dalit community, for whose welfare and security your Government bears a special responsibility, have been injured and have suffered tremendous economic losses apart from humiliation and insult, we would request you to ensure that their grievances are redressed. They must receive compensation and justice and false cases against them should be withdrawn.

    Yours sincerely

    Sd/-

    (BRINDA KARAT)                                            
    Member, Polit Bureau, CPI(M)  

    (SUBHASHINI ALI)
    Member, Polit Bureau, CPI(M)

    (RAJ KUMAR)
    Resident of Shabbirpur


    दिल्ली, प्रकाशनार्थ

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर गाँव में ५ मई को दलित परिवारों पर वहां के उच्च-जातीय ठाकुरों ने बहुत ही निर्मम तरीके से हमला किया था.  गाँव के कुछ प्रभावित लोगों को आज श्रीमती ब्रिंदा करात और श्रीमती सुभाषिनी अली (दोनों सी पी आई एम् के पालित ब्यूरो के सदस्य) ने राष्ट्रपति के साथ आज, १७ मई, को मुलाक़ात की. प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद घटी उन तमाम हिंसक घटनाओं और उनमे संघ परिवार से जुड़े संगठनो की भूमिका की जानकारी राष्ट्रपति जी को दी गई.

    १४ अप्रैल, २०१७ को शब्बीरपुर के दलित अपने गाँव के रविदास मंदिर में डा. आंबेडकर की मूर्ति की स्थापना करने के इच्छुक थे लेकिन गाँव के ठाकुरों ने इसपर आपत्ति जताई और भाजपा के विधायक कि मदद लेकर इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की.  पुलिस ने आकर मूर्ति का काम रुकवा दिया जिसका विरोध दलितों ने नहीं किया.  इसके बाद, ५ मई को, पूरे इलाके के ठाकुरों ने राणा प्रताप की जयंती को मनाने के सम्बन्ध में, बगल के सिम्लाना गाँव में उनकी मूर्ति स्थापित करने का फैसला लिए.  शब्बिरपुर के ठाकुरों ने दलितों की बस्ती के सामने, हाथ में तलवार और कट्टे लिए, आपत्तिजनक नारे लगाना शुरू कर दिया जैसे ‘महाराणा प्रताप जिंदाबाद, आंबेडकर मुर्दाबाद’ इत्यादि.  इस पर दलितों ने आपत्ति की और गाँव के प्रधान ने प्रशासन से शिकायत भी की.  थाने की पुलिस गाँव पहुंची लेकिन उसने किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया और ठाकुरों ने दलित बस्ती पर हमला कर दिया.  पड़ोस के तमाम ठाकुरों ने उनका साथ दिया और ५८ घर राख कर दिए गए.  तमाम औज़ार, २५-२६ मोटर्सैकिले, छोटे वाहन, अनाज, घर का सामन, बच्चो की किताबे और राशन कार्ड और ४ दुकाने – सब जल गए. हमलावरों ने दो अग्निशमन की गाड़ियों और पी ऐ सी की एक ट्रक को गान में घुसने से रोक दिया. १४ लोग जिनमे ४ महिलाएं और एक १४ साल का लड़का शामिल हैं, बुरी तरह से घायल जिला अस्पताल में पड़े हैं .

    एक ठाकुर नवजवान जो 20 किलोमीटर दूर के गाँव रसूलपुर का रहने वाला था इस घटना में मर गया.  पोस्ट मार्टम कि रिपोर्ट के अनुसार वह दम घुटने से मरा. प्रशासन ने उसके परिवार को १५ लाख रूपये का मुआवजा दिया है.

    दूसरी तरफ, दलितों को किसी प्रकार का मुआवजा या मुआवज़े का आश्वासन नहीं मिला है. प्रशासन ने इस बात पर कतई गौर नहीं किया है कि प्रभावित लोग कमज़ोर तबके के हैं जबकि उनपर हमला करने वाले सामाजिक रूप से बलवान हैं. 

    प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति जी को बताया कि प्रदेश में भाजपा कि सरकार बनने के बाद से, उसके समर्थक संगठन जिनमे हिन्दू युवा वाहिनी भी शामिल है, अपने हाथ में कानून-व्यवस्था लेकर, बिना किसी रोक-टोक के विभिन्न समुदायों पर हमला कर रहे हैं. भाजपा के कुछ नेता भी इन हमलों में शामिल रहते हैं.  सहारनपुर में ही, 20 अप्रैल को जब एक भीड़ ने वरिष्ट पुलिस कप्तान के घर पर हमला किया था तो उसका नेतृत्व स्थानीय सांसद कर रहे थे.  दो दिन के बाद, पुलिस अधिकारी का स्ठानान्तरण भी हो गया.

    प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति जी से निवेदन किया कि वह शब्बिरपुर के मामले में हस्तक्षेप अवश्य करें.  दलित समुदाय की सुरक्षा के लिए भारत सरकार विशेष रूप से ज़िम्मेदार है और उसे अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए. जिनको नुकसान हुआ है और जो घायल हैं, उन्हें उचित मुआवजा और न्याय मिलना चाहिए.  इसके साथ ही, जिन लोगों के ऊपर प्रशासन ने द्वेषपूर्ण भावना के तहत झूठे मुकद्दमे लगाए हैं, वह मुकद्दमे भी वापस होने चाहिए.

    राष्ट्रपति ने बहुत ही सहानुभूति के साथ प्रतिनिधि मंडल की बातों को सुना और उन्होंने अपना दुःख भी व्यक्त किया.  उन्होंने कहा कि वह शब्बिरपुर के दलितों को न्याय दिलाने के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, वह करेंगे.  

    ब्रिंदा कारत सदस्य, पालित ब्यूरो, सी पी आई एम्

    सुभाषिनी अली, सदस्य पोलित ब्यूरो, सी पी आई एम्

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