बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे

Vekuvai Vastamu!

 

"तुम कौन हो बे…?!”

 

वास्तविक कानून 

 

हिन्दुस्तानी मुस्लमान

 

संविधान

 

"दीमकों से तुम जो ठहरे, धूल अब ये तख़्त कर दो"