“Nobody has a monopoly on God”

“Nobody has a monopoly on God”

Artistes, intellectuals, spiritual practitioners and activists came together at a symposium on Sufism and the Attack on Syncretic Culture, organised by Anhad, to condemn these nefarious attempts to communalize our social fabric, and to share views on this subject, one of vital importance in our troubled times. Here is a short compilation of interviews with the…

“छोटे मुँह बड़ी बात”

“छोटे मुँह बड़ी बात”

कविता का एक सिरा समाज से जुड़ा होता है तो उसके दुसरे सिरे को व्यक्ति थामे रहता है। इसलिए अगर कविता को हम व्यष्टि और समष्टि के बीच एक रचनात्मक पुल कहें तो गलत न होगा। कविता एक मन (कवि के मन) से बहती हुई दूसरे मन (सहृदय के मन) तक जाती है। लेकिन इस…

सांस्कृतिक अवमूल्यन की राजनीतिक साज़िश

सांस्कृतिक अवमूल्यन की राजनीतिक साज़िश

बोलने की आज़ादी पर बढ़ते हमलों के इस दौर में जो सबसे बड़े प्रश्न हमारे सामने खड़े हैं वह यह है की इन हमलों के सांस्कृतिक प्रभाव क्या होंगे और कितने घातक होंगे? सांस्कृतिक क्षेत्र अनिवार्य रूप से सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, तथा इन हलकों में चल रहीं हलचलों की तरंगें सांस्कृतिक क्षेत्र…

Assaults on Reason and Institutions

Assaults on Reason and Institutions

Idea of India Conclave During the two years of the Narendra Modi government, there has been an all-round attack on various established institutions in the country, whether educational or cultural. There have been attempts to interfere with curricula, the way these institutions are run, as well as their mandate and autonomy. The Idea of India…