ईरानी औरतों की कहानियां 

ईरानी औरतों की कहानियां 

    मेरे बालिग़ होने में थोडा वक्त है ईरानी फ़िल्मकार मर्ज़ियेह मेश्किनी ने एक दूसरे बहुत मशहूर फ़िल्मकार मोहसेन मखलमबाफ़ की स्क्रिप्ट के सहारे तीन लघु कथा फ़िल्मों के जरिये ईरानी समाज में औरतों की दुनिया को बहुत संजीदगी से समझने की कोशिश की है। इस कथा श्रृंखला का नाम है द डे आई…

दलित छवियों से क्यों डरते हैं वे?

दलित छवियों से क्यों डरते हैं वे?

    भारतीय सिनेमा में, चाहे वो कथा फिल्में हों या गैर कथा फ़िल्में, दलित समाज की अभिव्यक्तियाँ बहुत मामूली रही हैं। यह बात उसी तरह सच है जैसे हमारी सिनेमाई दुनिया मेंमहिलाओं और अल्पसंख्यकों की कहानियाँ भी बहुत कम हैं। भारी-भरकम संख्या वाले हिंदी सिनेमा में एम सथ्यू निर्देशित सिर्फ़ एक फ़िल्म गर्म हवा…