नये सिरे से सोचने को विवश करती किताब : चिंतन के जनसरोकार

नये सिरे से सोचने को विवश करती किताब : चिंतन के जनसरोकार

किसी किताब की यह सफलता होती है कि वह अपने पाठक को इतना उद्वेलित कर दे कि वह अपने परिवेश और जीवन के हर पहलू पर फिर से विचार करने को विवश हो जाय। ऐसे ही लेखों का संकलन है ‘चिंतन के जनसरोकार’। हिन्दी के  महत्वपूर्ण लेखक प्रेमकुमार मणि के प्रमुख लेखों का यह एक संकलन है।…