• पर्दे पर उभरता ‘प्रतिरोध का सिनेमा’

    न्यूज़क्लिक

    October 29, 2016

    सिनेमा के क्षेत्र में हमेशा से ही एक बड़ा तबका ऐसा रहा है जो हर तरह के दमन के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करता है. ‘ प्रतिरोध का सिनेमा’ इसी आवाज़ का एक साकार रूप है. इस आवाज़ को दबाने की कोशिश भी लगातार होती ही रहती है, और इसी दमन के प्रयास का एक नमूना है ‘ प्रतिरोध का सिनेमा’ के उदयपुर फिल्म फेस्टिवल कार्यक्रम का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा विरोध. केंद्र की मौजूदा सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि किसी भी असहमति के स्वर को समाज में जगह न मिल पाए. लेकिन इसके साथ ही साथ प्रतिरोध भी और तेज़ी से उभर रहा है. इसी विषय पर न्यूज़क्लिक और इंडियन राइटर फोरम ने ‘ प्रतिरोध के सिनेमा’ के संचालक संजय जोशी से बात की.

    Donate to the Indian Writers' Forum, a public trust that belongs to all of us.